-दीपक दुआ… 1989 की बात है। पश्चिम बंगाल के रानीगंज की एक कोयला खदान में पानी भर जाने से 65 मज़दूर ज़मीन के नीचे फंस गए थे। उन तक पहुंचने के पारंपरिक तरीकों से हट कर तब एक इंजीनियर जसवंत सिंह गिल ने ज़मीन में सीधा छेद कर उसमें छह फुट लंबा एक लोहे का […]
रिव्यू-मज़बूत इरादों से जीतने का ‘मिशन रानीगंज’


